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एम.एफ. हुसैन का विरोध क्यो?
Posted on January 24th, 2010 No commentsएम.एफ. हुसैन का विरोध क्यो?
अतुल कोठारी
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा 11वीं की हिन्दी की पूरक पाठयपुस्तक में ”हुसैन की कहानी अपनी अपनी जुबानी” नाम से पाठ पढ़ाया जा रहा है। इसी प्रकार कक्षा 11 के लिए हिन्दी (आधार) पाठयपुस्तक में मकबुल फ़िदा हुसैन के प्रसिध्द चित्रों का एक एलबम बनाईए एवं सहायता के लिए इंटरनेट या किसी आर्टगैलरी से सम्पर्क करें। यह बताया गया है। समग्र देश इस बात से सुपरिचित है कि एम.एफ. हुसैन ने 52 चित्र का एक सेट बनाया है जो वेबसाईट पर भी उपलब्ध है। उस 52 चित्र में उनकी पत्नी, लड़की, मदरटेरेसा इस प्रकार के छ: चित्र अच्छे यानी शुभ्रवेश में दिये गए है। इसके अलावा भारतमाता, पार्वती, सीता, हनुमान जी इत्यादि हिन्दू देवी-देवताओं के विकृत, नग्नचित्र चित्रित किये है। इस प्रकार की विकृत मन:स्थिति वाले फिदा हुसैन के विरूध्द कुछ लोगों ने न्यायालयों में याचिकाएँ दायर की है। इसके संदर्भ में हुसैन पर वारंट भी निकाला था जिस कारण से वो पिछले कुछ वर्षो से देश से बाहर भाग गया है। न्यायालय ने उसको भगोड़ा धोषित करते हुए उसके घर पर कुर्की भी लगाई थी। ऐसे विकृत मानसिकता वाले व्यक्ति का एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पाठय पुस्तकों में पाठ पढ़ाना तथा बालकों को इस विकृत चित्रों का एलबम बनाने हेतु कहना यह कानून के विरूध्द तो है ही साथ ही देश के छात्रों को एन.सी.ई.आर.टी क्या पढ़ाना चाहती है ? यह समझ से परे है। दूसरी ओर इस प्रकार के गुनहगार व्यक्ति को केन्द्र सरकार पुन: भारत में लाना चाहती है। इस हेतु गृह मंत्रालय के द्वारा हुसैन के विरूध्द चल रहे केसो के निपटारे के लिए उच्चतम न्यायालय जाने का प्रयास शुरू किया गया है ऐसी जानकारी विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित हुई है।
इन कारणों को लेकर श्री दीनानाथ बत्रा द्वारा एनसीईआरटी के निदेशक एवं केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष को एक पत्र लिखा जो इस पुस्तिका में भी छपा है। यह दोनो संस्थाएँ 15 दिनों में इसमें सुधार करने पर सहमत नहीं होती है तो हम सबने देशभर में इसके विरूध्द आन्दोलन करना होगा। इसी प्रकार केन्द्र सरकार हुसैन को देश में वापस लाती है तो हमसब की क्या प्रतिक्रिया होगी यह भी सोचना होगा। इस विषय पर देशव्यापी जनजागरण एवं आवश्यकता पड़ने पर एक बड़ा आन्दोलन करने हेतु हम तैयार रहे यही संदेश पूरे समाज में पहुँचाना होगा।
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