भारतीय शिक्षा
मनुष्य में जो संपूर्णता सुप्त रूप से विद्यमान है उसे प्रत्यक्ष करना ही शिक्षा का कार्य है। स्वामी विवेकानन्द                      There are no misfit Children, there are misfit schools, misfit test and studies and misfit examination. F.Burk                     शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य आंतरिक शक्तियों को विकसित एवं अनुशासित करने का है। डॉ. राधा कृष्णन                      ज्ञान प्राप्ति का एक ही मार्ग है जिसका नाम है, एकाग्रता और शिक्षा का सार है मन को एकाग्र करना। श्री माँ

शिक्षाविद सम्मान

पंडित मदनमोहन मालवीय शिक्षाविद् सम्मान-2015

माननीय
सादर नमस्कार,
विगत चार वर्षों से शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के द्वारा प्रति वर्ष शिक्षा क्षेत्र में रचनात्मक, मौलिक एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले देश के किसी एक शिक्षाविद् का सम्मान किया जा रहा है। शिक्षाविद् सम्मान के लिए आपके क्षेत्र/राज्य से विद्वानों के नामों के सुझाव आयंे, इसके लिए आप प्रयास करें व ऐसे सुझावों की जानकारी केन्द्रीय कार्यालय, दिल्ली को दिनांक 31 मार्च 2015 के पूर्व भिजवाने का कष्ट करें।
(अतुल कोठारी)
सचिव
 शिक्षाविद् सम्मान सम्बंधी जानकारीः-
 शिक्षाविद् सम्मान में ‘स्मृति-चिन्ह’, शाल एवं 51,000/- रूपये की नकद राशि अर्पण की जाती है।
 सभी प्रांतो से प्राप्त हुये प्रस्तावों में से किसी एक सुझाव का चयन अंतिम रूप से शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के
न्यासियों द्वारा किया जाएगा।
 यह सम्मान दिनांक 22, 23, 24 मई 2015 को एरनाकुलम (केरला) में आयोजित राष्ट्रीय शैक्षिक कार्यशाला के समय देशभर से आनेवाले शिक्षाविदों की उपस्थिति में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में दिया जाएगा।
 नियमावली
 सुझाये गये विद्वान का पूर्ण परिचय। यदि किसी संस्था के माध्यम से कार्य कर रहे हैं तो उसकी भी विस्तृत जानकारी दी जाए।
 पुरस्कार के लिए प्रस्तावित व्यक्ति का पासपोर्ट-साइज के छायाचित्र (फोटो)े की 2 प्रतियांँ भी साथ में भेजी जाएं।
कार्य का विवरण:-
(क) कार्यक्षेत्र व कार्य का ठोस विषय (ख) कार्यपद्धति एवं स्वरूप (ग) कार्य में अन्य भागीदार / सहायक (घ) कार्य के बारे में विशेष उल्लेखनीय बातें (ड.) शासकीय या गैर-शासकीय संस्था द्वारा अभी तक प्राप्त हुए सम्मान (च) उचित छायाचित्र, समाचार-पत्र की कतरने एवं अन्य दस्तावेज भी साथ में संलग्न करे।
 सम्मान के लिए नाम/ सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2015 है।
 सम्मान के पूर्व प्राप्तकर्ताः-
 वर्ष-2011 में डाॅ. कपिल कपूर, रेक्टर (पूर्व प्रतिकुलपति) जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय – जिन्होंने शिक्षा में भारतीय दर्शन, चिन्तन को देश-विदेश में प्रसार-प्रचार करने में महत्वपूर्ण योगदान किया है को दिल्ली में स्वामी शांतात्मानन्द जी (सचिव, रामकृष्ण मठ, दिल्ली) के कर कमलों एवं विख्यात शिक्षाविद् डाॅ. जे. एस. राजपूत की विशेष उपस्थिति में प्रदान किया गया था।
 वर्ष-2012 में प्रो. गणेश वागडिया (प्रो.एच.बी.टी.आई.कानपुर) जिन्होंने ‘‘तकनीकी शिक्षा में मानवीय मूल्यों’’ के प्रचार-प्रसार एवं तत्सम्बन्धी पाठ्यक्रम को देशभर में क्रियान्वित करने के कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है, को अमदाबाद में वैदिक गणित के विद्वान एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रो. नारायण भाई भंडारी के कर कमलों से प्रदान किया गया था।
 वर्ष-2013 में डाॅ. एच.आर. नागेन्द्र (कुलपति स्वामी विवेकानन्द योग अनुसंधान संस्थान, बंगलूरु) को योग शिक्षा एवं चिकित्सा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हंै, को दिल्ली में डाॅ. मोहन जी भागवत (सरसंघचालक, रा.स्व. संघ) के हस्ते दिया गया।
 वर्ष-2014 में डाॅ. प्रणव पण्ड्या, कुलाधिपति, देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार को शिक्षा क्षेत्र में अभिनव प्रयोग हेतु अमृतसर में राष्ट्रीय शैक्षिक कार्यशाला में सांसद श्री अविनाश राय खन्ना द्वारा प्रदान किया गया।
 पुरस्कार हेतु नाम / सुझाव भेजने तथा संपर्क हेतु पता:-

सरस्वती बाल मन्दिर, जी ब्लाक, नारायणा विहार, नई दिल्ली-110028
011-65794966,9868100445