भारतीय शिक्षा
मनुष्य में जो संपूर्णता सुप्त रूप से विद्यमान है उसे प्रत्यक्ष करना ही शिक्षा का कार्य है। स्वामी विवेकानन्द                      There are no misfit Children, there are misfit schools, misfit test and studies and misfit examination. F.Burk                     शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य आंतरिक शक्तियों को विकसित एवं अनुशासित करने का है। डॉ. राधा कृष्णन                      ज्ञान प्राप्ति का एक ही मार्ग है जिसका नाम है, एकाग्रता और शिक्षा का सार है मन को एकाग्र करना। श्री माँ

परिचय

            हमारा मानना है कि देश में जो भी समस्याएं विद्यमान है, वह तो परिणाम है। किसी भी समस्या का समाधान चाहिये तो उसके कारण में जाना होगा। इसका कोई महत्वपूर्ण कारण है तो वह देश की शिक्षा व्यवस्था है। इस हेतु हमने नारा दिया है कि:-

‘‘देश को बदलना है तो शिक्षा को बदलना होगा’’

शिक्षा में बदलाव, सुधार, परिवर्तन हेतु हमने तीन प्रकार के कार्य प्रारम्भ किए है।

            वर्ष 2004 जुलाई 2 से शिक्षा बचाओ आन्दोलन प्रारम्भ किया गया। देश की शिक्षा के विभिन्न पाठ्यक्रम, पाठ्य-पुस्तकों में भारतीय भाषाओं, संस्कृति, धर्म, परम्पराएं एवं व्यवस्थाओं को अपमानित करने का राष्ट्रीय, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जो षडयंत्र चलाया जा रहा है, उनको बेनकाब करके रोकने हेतु सार्थक प्रयास सफलतापूर्वक किए जा रहे है।

            इसी प्रकार शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के माध्यम से देश की शिक्षा में एक नया विकल्प देने हेतु प्रयास शुरू किए है। इस दृष्टि से भारत की शिक्षा हमारी संस्कृति, प्रकृति एवं प्रगति के अनुरूप बने तथा छात्रों के चरित्र निर्माण एवं व्यक्तितव के समग्र विकास द्वारा देश का समूचित विकास हो सके ऐसा शिक्षा का स्वरूप बनें। इस हेतु छः विषयों-

  1. मातृभाषा में शिक्षा,
  2. शिक्षा में स्वायत्तता,
  3. पर्यावरण शिक्षा,
  4. वैदिक गणित
  5. चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व के समग्र विकास की शिक्षा
  6. मूल्यपरक शिक्षा  पर कार्य किया जा रहा है।

            उपरोक्त प्रयासों को समग्रता से एवं देशव्यापी बनाने हेतु देश के कुछ प्रमुख शिक्षाविदों द्वारा ‘‘भारतीय शिक्षा नीति आयोग’’ नाम से एक गैर सरकारी शिक्षा आयोग गठन किया जा रहा है। इस आयोग के द्वारा शिक्षा पर देशव्यापी वैचारिक आन्दोलन खड़ा करके देश के प्रमुख शिक्षाविदों से लेकर विद्यार्थियों तक के सुझाव प्राप्त करके तीन वर्ष के कार्यकाल में देश के समक्ष एक ‘‘वैकल्पिक शिक्षा नीति’’ प्रस्तुत करने की योजना पर कार्य शुरू किया गया है।

            इन सारे प्रयासों में देश के लाखों लोगों की सहभागिता हेतु इस वेबसाइट को प्रारम्भ किया गया है। आपसे विनम्र निवेदन है कि इस वेबसाइट के माध्यम से आप भी इस यज्ञ में अपनी आहूति प्रदान करें।